Hindustan Zinc Share price आज उन निवेशकों के लिए बड़ी चर्चा का विषय है जो खनन और मेटल सेक्टर में लंबी अवधि के ग्रोथ स्टॉक्स की तलाश में हैं। कंपनी को हाल ही में आंध्र प्रदेश सरकार से टंगस्टन ब्लॉक की खोज और खनन का कॉम्पोजिट लाइसेंस मिला है, जो न सिर्फ हिंदुस्तान जिंक बल्कि पूरे देश के रणनीतिक खनिज आत्मनिर्भरता मिशन के लिए बड़ा कदम है। यह वही कंपनी है जो पहले जिंक, सीसा और चांदी के उत्पादन में अग्रणी थी लेकिन अब टंगस्टन जैसे हाई-वैल्यू मिनरल्स में कदम रख रही है।
Hindustan Zinc Ltd
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HINDZINC), जो वेदांता समूह का हिस्सा है, को अब टंगस्टन और संबद्ध खनिजों की खोज व खनन के लिए औपचारिक कॉम्पोजिट लाइसेंस मिल गया है। इसका मतलब है कि कंपनी अब एक ही लाइसेंस के तहत पहले मिनरल्स की खोज करेगी और सफल होने पर उसी ब्लॉक में माइनिंग भी कर सकेगी। इस तरह के लाइसेंस बहुत सीमित कंपनियों को मिलते हैं और यह सरकार की रणनीतिक मंजूरी के साथ आता है।
यह लाइसेंस क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम भारत में खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर है, क्योंकि टंगस्टन एक क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल है जिसका इस्तेमाल डिफेंस, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में होता है। हिंदुस्तान जिंक के CEO अरुण मिश्रा के अनुसार, यह उपलब्धि कंपनी के बिजनेस मॉडल को एक नए युग में लेकर जाएगी और भारत के लिए रणनीतिक माइनिंग में आत्मनिर्भरता का मार्ग खोलेगी।
Hindustan Zinc
हिंदुस्तान जिंक दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक कंपनी है और ग्लोबल सिल्वर प्रोड्यूसर्स की टॉप 5 लिस्ट में शामिल है। कंपनी 40 से ज्यादा देशों में सप्लाई करती है और भारत के जिंक मार्केट में इसकी हिस्सेदारी लगभग 77% है।
Hindustan Zinc Share Price Performance (Latest Performance)
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| मौजूदा कीमत | ₹486.90 (14 नवंबर को बंद) |
| 52-वीक हाई | ₹546.95 |
| 52-वीक लो | ₹278.65 |
| मार्केट कैप | ₹2,05,730.78 करोड़ |
| 1 महीने का रिटर्न | -3.69% |
| 3 महीने का रिटर्न | +14.16% |
| 6 महीने का रिटर्न | +10.91% |
| YTD रिटर्न | +9.60% |
Hindustan Zinc Share price
एक ओर जहां Hindustan Zinc Share price पिछले कुछ दिनों में थोड़ी गिरावट दिखा रहा है, वहीं टंगस्टन लाइसेंस के चलते मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म में निवेशक इसमें मजबूत ग्रोथ देख सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी और नई माइनिंग अपॉर्चुनिटी शेयर को आने वाले समय में वैल्यू अनलॉकिंग दे सकती है।
केवल एक पैराग्राफ में बुलेट पॉइंट्स (जैसा आपने कहा था):
- टंगस्टन लाइसेंस मिलने से कंपनी के पोर्टफोलियो में हाई-टेक मिनरल्स शामिल होंगे, – खनिज आत्मनिर्भरता मिशन को बढ़ावा मिलेगा, – सरकार से कॉम्पोजिट लाइसेंस मिलना कंपनी की विश्वसनीयता और क्षमता का प्रमाण है, – यह कदम दीर्घकालिक निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन का अवसर बन सकता है।
FAQs
Q1. हिंदुस्तान जिंक को कौन-सा नया लाइसेंस मिला है?
कंपनी को आंध्र प्रदेश सरकार से टंगस्टन और संबद्ध खनिजों की खोज व खनन के लिए कॉम्पोजिट लाइसेंस मिला है।
Q2. कॉम्पोजिट लाइसेंस क्या होता है?
यह दो चरणों वाला लाइसेंस है जिसमें खोज का अधिकार और सफल खोज के बाद खनन का अधिकार एक साथ मिलता है।
Q3. यह अनुमति कंपनी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि अब कंपनी जिंक, सीसा, चांदी के अलावा टंगस्टन जैसे रणनीतिक और हाई-वैल्यू मिनरल्स में भी विस्तार कर पाएगी।
Q4. टंगस्टन क्यों जरूरी है?
यह रक्षा, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी के लिए अनिवार्य मेटल है।
Q5. क्या यह ब्लॉक कंपनी को नीलामी से मिला है?
हाँ, हिंदुस्तान ज़िंक को औपचारिक मंजूरी के बाद सफल बोलीदाता घोषित किया गया है।
नतीजा
Hindustan Zinc Share price फिलहाल कंसोलिडेशन में है, लेकिन टंगस्टन माइनिंग की शुरुआत कंपनी के लिए बड़े अवसर ला सकती है। कंपनी अब सिर्फ जिंक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत के स्ट्रैटेजिक मिनरल्स में बड़ा नाम बन सकती है। अगर आप लंबी अवधि का पोर्टफोलियो बना रहे हैं, तो यह स्टॉक आपके वॉचलिस्ट में जरूर होना चाहिए।




