Tata Motors PV Share Price जारी हो चुके हैं और ये नतीजे कई मायनों में अहम हैं क्योंकि यह डीमर्जर के बाद कंपनी का पहला वित्तीय बयान है। बाजार को उम्मीद थी कि Passenger Vehicles सेगमेंट नए ढांचे में बेहतर प्रदर्शन दिखाएगा, लेकिन रिपोर्ट उम्मीदों से कमजोर रही।
कंसोलिडेटेड नतीजे
सितंबर तिमाही में Tata Motors PV का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹72,349 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 13.5% कम है। EBITDA में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और कंपनी को ₹1,404 करोड़ का नुकसान हुआ। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने ₹9,914 करोड़ EBITDA प्रॉफिट कमाया था।
इतना ही नहीं, कंपनी का एडजस्टेड रिजल्ट भी कमजोर रहा और ₹6,370 करोड़ का लॉस दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल ₹3,056 करोड़ का मुनाफा हुआ था। यह गिरावट दर्शाती है कि डीमर्जर के बाद कंपनी को नए ढांचे के साथ तालमेल बिठाने में समय लग रहा है।
JLR ने दबाव
कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका Jaguar Land Rover की परफॉर्मेंस से आया। JLR का रेवेन्यू 24.3% गिरकर £4.9 बिलियन पर आ गया। EBITDA मार्जिन -1.6% और EBIT मार्जिन -8.6% पर फिसल गया। ग्लोबल ऑटो मार्केट में मंदी, निर्यात दबाव और लागत वृद्धि इस गिरावट की वजह मानी जा रही है।
घरेलू PV बिजनेस में थोड़ी राहत
Tata Motors Passenger Vehicles का घरेलू बिजनेस हालांकि बेहतर दिखा। सितंबर तिमाही में इसका रेवेन्यू 15.6% बढ़कर ₹13,500 करोड़ पर पहुंचा। EBITDA मार्जिन 5.8% रहा जबकि EBIT मार्जिन में सुधार नजर आया और यह 0.2% पर पहुंच गया।
यह संकेत देता है कि भारतीय बाजार में Tata की पकड़ बनी हुई है, खासकर EV और SUV सेगमेंट में।
Tata Motors PV Q2 FY26 Financial Performance
| वित्तीय पैरामीटर | Q2 FY26 | बदलाव |
|---|---|---|
| Consolidated Revenue | ₹72,349 Cr | -13.5% |
| EBITDA (Consolidated) | -₹1,404 Cr | प्रॉफिट से लॉस |
| Adjusted Profit | -₹6,370 Cr | लॉस vs ₹3,056 Cr प्रॉफिट |
| PV Revenue | ₹13,500 Cr | +15.6% |
| JLR Revenue | £4.9 Billion | -24.3% |
| PV EBITDA Margin | 5.8% | -40 bps |
| PV EBIT Margin | 0.2% | +10 bps |
Tata Motors PV Share Price
रिजल्ट्स से पहले शुक्रवार को शेयर 1.75% टूटकर ₹391 पर बंद हुआ।
यह अब अपने 52-सप्ताह के हाई ₹508 से काफी नीचे है जबकि 52-सप्ताह का लो ₹335 है।
यानी स्टॉक फिलहाल निचले रेंज में ट्रेड कर रहा है जिससे long-term investors को संभावित value buying का मौका मिल सकता है।
Tata Motors PV Share Price पर आने वाले हफ्तों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है क्योंकि निवेशक कंपनी की रिकवरी और JLR की डिमांड पर बारीकी से नजर रखेंगे।
आगे क्या?
कंपनी की पुनरुद्धार रणनीति अब घरेलू PV मार्केट, EV डिमांड, लागत प्रबंधन और JLR के स्टेबिलाइजेशन पर निर्भर करेगी।
फाइनेंशियल्स फ्रेमवर्क कमजोर दिख रहा है लेकिन पॉजिटिव कैशफ्लो और घरेलू मार्केट में रिटेल सेल्स का मजबूत आधार भविष्य को पूरी तरह नेगेटिव नहीं बनाता।
निष्कर्ष
डीमर्जर के बाद Tata Motors Passenger Vehicles का पहला क्वार्टर परिणाम निराशाजनक जरूर है, लेकिन घरेलू बिक्री स्थिर रहने से उम्मीदें जीवित हैं।
अगर कंपनी JLR की कमजोरी को नियंत्रित कर लेती है और EV पोर्टफोलियो को और मजबूत करती है, तो Tata Motors PV Share Price फिर से रफ्तार पकड़ सकता है।
अभी यह स्टॉक वैल्यू ज़ोन में है, इसलिए समझदार निवेशक धैर्य और विश्लेषण के साथ एंट्री पर विचार कर सकते हैं।




