Tata Motors CV Q2 Results बाजार बंद होने के बाद जारी हुए और कंपनी के प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया। दूसरी तिमाही में कंपनी ने 96,800 यूनिट्स की मजबूत थोक बिक्री दर्ज की, रेवेन्यू में भी 6% की वृद्धि हुई, EBITDA मार्जिन में सुधार दिखा, लेकिन फिर भी कंपनी को घाटा हुआ। इस घाटे की मुख्य वजह टाटा कैपिटल में किए गए निवेश का भारी वैल्यूएशन लॉस है, जिसने कंपनी की पूरी तिमाही कमाई को प्रभावित कर दिया।
रेवेन्यू में 6% की बढ़त
30 सितंबर 2025 को खत्म हुई Q2 FY26 में टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स का रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 6% बढ़कर ₹18,585 करोड़ हो गया। पिछले साल यही रेवेन्यू ₹17,535 करोड़ था। कुल आय भी बढ़कर ₹18,757 करोड़ पर पहुंच गई, जो कंपनी की मजबूत डिमांड और बढ़ती बिक्री को दर्शाती है।
इसके बावजूद, तिमाही का अंतिम परिणाम कमजोर रहा क्योंकि कंपनी को भारी वैल्यूएशन नुकसान झेलना पड़ा।
EBITDA मार्जिन में 140 bps
Tata Motors Commercial Vehicles Q2 Results में एक पॉजिटिव संकेत यह रहा कि कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 11.4% पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह 140 बेसिस पॉइंट का सुधार दर्शाता है। इससे साफ है कि कंपनी ने कॉस्ट मैनेजमेंट और प्राइसिंग में सुधार किया है। ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर और मजबूत रहा है।
867 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा
Tata Motors को इस तिमाही में ₹867 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। इसका कारण कारोबार में कमी नहीं, बल्कि टाटा कैपिटल के निवेश में ₹2,027 करोड़ का मार्क-टू-मार्केट नुकसान है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹498 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया था।
डीमर्जर के बाद यह कंपनी का पहला क्वार्टर था, इससे लागत संरचना और निवेश मूल्यांकन पर भी असर पड़ा।
Commercial Vehicle Segment
Tata Motors ने दूसरी तिमाही में कुल 96,800 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 12% अधिक है। घरेलू बाजार में बिक्री 9% बढ़ी, जबकि निर्यात में शानदार 75% की उछाल देखने को मिली।
हेवी कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री 5% बढ़कर 24,000 यूनिट रही, वहीं छोटे कमर्शियल वाहनों की बिक्री 11% बढ़कर 34,700 यूनिट पर पहुंच गई। यह वृद्धि दिखाती है कि कंपनी के उत्पादों की मांग मजबूत बनी हुई है।
Tata Motors EV
कंपनी ने केवल चार महीनों में 1,300 से ज्यादा Ace Pro EV बेची हैं, जो EV सेगमेंट में बढ़ती पकड़ का संकेत देती है। बेंगलुरु BMTC को 148 इलेक्ट्रिक बसों की डिलवरी भी शुरू हो चुकी है, जिससे EV पोर्टफोलियो और मजबूत हो रहा है।
2% गिरकर बंद हुआ शेयर
नतीजों के बाद Tata Motors कमर्शियल व्हीकल्स का शेयर दबाव में आ गया और BSE पर 2.26% गिरकर ₹320.25 पर बंद हुआ। NSE पर भी स्टॉक लगभग 3% गिरकर ₹320.10 पर बंद हुआ। कंपनी का 52-वीक हाई ₹345 और लो ₹316 है, यानी शेयर इस समय निचले दायरे के करीब चल रहा है।
Tata Motors Debt And Cash
Tata Motors के पास कुल ₹5983 करोड़ का कर्ज है, लेकिन 30 सितंबर 2025 तक उसके पास ₹5397 करोड़ का नकद भी मौजूद है। यानी नेट डेट केवल ₹586 करोड़ रह गया है। यह बताता है कि घाटे के बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है।
निष्कर्ष
Tata Motors Commercial Vehicles Q2 Results बताते हैं कि ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है—बिक्री बढ़ रही है, रेवेन्यू में सुधार है, मार्जिन मजबूत है, EV सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है।
लेकिन टाटा कैपिटल निवेश में भारी वैल्यूएशन नुकसान ने पूरे तिमाही परिणाम को नकारात्मक बना दिया। आने वाले क्वार्टर में यदि MTM लॉस का प्रभाव कम होता है, तो कंपनी अपने मूल ऑपरेशनल प्रदर्शन के आधार पर फिर से मुनाफे में लौट सकती है।




